Arya Samaj Musakhedi, Indore

हमारे बारे में

आर्य समाज पद्धति से विवाह, प्रेम विवाह व विधवा विवाह भी कराये जाते हैं।

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हमारे बारे में

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आर्य समाज मुसाखेड़ी इंदौर की स्थापना सन् 1989 मैं स्वर्गीय छोटे लाल जी खरे व उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय लता खरे वह अन्य कई आर्य समाजीयो द्वारा आदिवासी भील कॉलोनी  में मिशनरी द्वारा किए जा रहे धर्म  परिवर्तन के विरोध में  किया गया था आर्य समाज का मूल उद्देश्य यही था कि वहां आसपास के सभी लोगों को शिक्षित बनाना और उन्हें वैदिक रीति से अपनी संस्कृति से परिचित कराकर अपने मूल धर्म से जोड़ना था स्वर्गीय श्री छोटेलाल जी खरे जो कि अध्यापक भी थे उनके द्वारा लगातार शिक्षा का प्रसार कर और आर्य समाज के कार्यों से अपने उद्देश्यों में सफल रहे उनके द्वारा कई आदिवासी बच्चों को शिक्षित कर अपने मूल धर्म की ओर मोड़ने में सफल रहे, तत्पश्चात वर्ष 1999 आर्य समाज एक्ट के तहत आर्य समाज मूसाखेड़ी इंदौर में विवाह करने का कार्य भी प्रारंभ किया तब से लेकर आज दिनांक तक कई गरीब लोगों के व विधवा विवाह भी प्रारंभिक किए गए।

हमारा उद्देश्य

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आर्य समाज मूसाखेड़ी इंदौर का उद्देश्य समाज में वैदिक विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना, लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन संस्कारों से जोड़ना तथा शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना है। संस्था द्वारा वैदिक पद्धति से विवाह, यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान और हिंदू धर्म के 16 संस्कारों का आयोजन कर समाज में नैतिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने का कार्य किया जाता है।

हमारी दृष्टि

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आर्य समाज मूसाखेड़ी इंदौर की दृष्टि एक ऐसे संस्कारित और जागरूक समाज का निर्माण करना है जहाँ नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, वेदों और वैदिक परंपराओं से परिचित हो। संस्था का लक्ष्य बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति, वेदों के ज्ञान और नैतिक मूल्यों से जोड़कर समाज को एक सकारात्मक और सशक्त दिशा में आगे बढ़ाना है।

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आर्य समाज मूसाखेड़ी इंदौर संबंधता

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आर्य समाज मूसाखेड़ी इंदौर को मध्य भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा भोपाल से संबंधता प्राप्त है इंदौर जिले में कुल 10 आर्य समाज है जो मध्य भारतीय प्रतिनिधि सभा से संबंधित है व असल है जहां नियमानुसार आर्य समाज विधि अधिमान्य कारण अधिनियम 1937 एवं हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत विवाह संपन्न कराए जाते हैं वह अन्य सामाजिक कार्यक्रम भी बढ़-चढ़ कर कराए जाते हैं.

आर्य समाज मूसाखेड़ी इंदौर के संपूर्ण कार्यकारिणी वर्तमान में कार्यरत है वर्तमान में आर्य समाज मूसाखेड़ी इंदौर में श्री रुपेश खरे एडवोकेट जो कि पिछले 45 वर्षों से अधिक आर्य समाज के कार्यक्रम में सक्रिय रहे हैं अध्यक्ष व मंत्री के पद पर कार्यरत हैं

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आर्य समाज के सिद्धांत

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  • समस्त सच्चा ज्ञान ईश्वर से उत्पन्न हुआ है।
  • सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान, शाश्वत और ब्रह्मांड का निर्माता होने के नाते, ईश्वर ही आराधना के योग्य है।
  • वेद ज्ञान की सच्ची पुस्तकें हैं।
  • आर्य को सदैव सत्य के ग्रहण करने और असत्य का त्याग करने के लिये तत्पर रहना चाहिये।
  • धर्म, या अच्छे और बुरे की जानबूझकर जांच, सभी प्रयासों का सर्वोपरि सिद्धांत होना चाहिए।
  • समाज का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भौतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक कल्याण को आगे बढ़ाना है।
  • सभी लोगों के प्रति न्यायपूर्ण और दयालु व्यवहार उचित है।
  • ज्ञान को बढ़ाना होगा और अज्ञान को दूर करना होगा।
  • किसी की प्रगति अन्य सभी की प्रगति पर निर्भर होनी चाहिए।
  • संपूर्ण मानवजाति के हित किसी एक व्यक्ति के हितों से पहले आने चाहिए
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